Monday, October 27, 2008

पिछ्ले हफ़्ते में मैं बहुत बीमार थी। पहले रविवार को मैं बहुत थकी हुई थी। मैं नाक से नहीं सांस ले सकती थी। मुझे बहुत काम था तो मैं काम कार रही थी। मैं बहुत-से कपड़े पहनती थी क्योंकि मुझे ठंडी लगती थी। भर हफ़्ता मेरे पेट में दर्द होता था। शुक्रिवार को मैं रसयन का क्लास गई । क्लास में मैं ने ध्यान नहीं दिया क्योंकि मैं सो गई । क्लास के बाद मुझे अस्पिताल जाकर काम करना था । पर मुझे बहुत थकन थी तो मैं घर वापस गई। मैं घर पहंचकर अपने पलन्ग पर सो गई। मुझे बुख़ार था तो मैं कुछ दवाई खाई। दोबारा मेरा दोस्त ने मुझसे फ़ोन किया । तो मैं ने उस से कहा कि मैं बीमार थी तो उस ने मेरी घर आया । मेरा दोस्त ने मुझे दवा मूवियां और कुछ जूस दिया। फ़िर उसने अपने हाथों को धोकर मेरी घर छोड़ गया। मैं दो दिन सो गई। रविवार को मुझे अपने पुस्तकालय की नौकरी का काम करना था। मुझे ज़ुकाम था लेकिन मैं क्या करूं? आज मुझे सिर्फ़ थकन और खान्सी है लेकिन अब मुझे बेहतर लगता है।

1 comment:

अनूप शुक्ल said...

तबियत जल्दी ठीक होने की शुभकामनायें।