Monday, November 24, 2008
Thursday, November 20, 2008
काम
करावाना
Monday, November 3, 2008
इस दुनिया में कम जगह कुष्ट रोगियां का संभाल देखते हैं। शान्तिवन में एक कुष्ट रोगी का शरण स्थान है। वह गांव महाराष्ट्र में है और पनवेल के नज़दीक है। शान्तिवन में सिर्फ़ कुष्ट रोगियां अपने परिवार और मेहमान रहते हैं । शान्तिवन का ज़मीन ज़्हादा तर है तो गांवाले चावल बढ़ते हैं। सुबह एक दिन मैं ने किसानों को खेत में देखा। उन ने बहुत ज्ल्दी काम किया। मैं ने एक गांवाली के साथ चावल के खेत घूमके उस ने मुझे चावल के पौधा लगाना सीखा । मैं ने पौधा लगाने कोशिश किया पर मैं धीरे धीरे काम किया । उस पल में मैं निष्फल थी। अक्सर मैं कीचड़ में पड़ी और वह गांववाली हँसते हँसते थी । मैं भी हँसने हुई थी । लेकिन मुझे पराजित करने लगा तो मैं ने घर जाकर कपड़े बदला । उस दिन को मैं अच्छी किसान नहीं हुई थई । मुझे घर के पौधों को संभाल देख्नने बहुत पसंद है। तो मैं सिर्फ़ रसयन विग्यान बनूंगी।
Monday, October 27, 2008
एक दिन मन्गलवार को क्लास में मुझे बहुत गुस्सा लगा । तो मैं ने एक बातचीत लि्खा। आजकल क्लास में मुझे खुशी लगती है। मुझे क्लास में यह बातचीत नहीं बोलने चाहिये मगर मैं ने बहुत वक्त इस भषण पर लिखा। कभी कभी मैं हँसते-हँसते झेलती हूं लेकिन अब नहीं । मैं ने कुछ बद सलूक देखे। जब किस तालिब इल्म ने हिन्दी गलतियां की तब लड़के ने मुंह बिगाड़ा गया। अक्सर क्लास में मैं हिन्दी में बोलती डरती हूं क्योंकि मैं बहुत गलतियां करती हूं। हां तो मैं गलतियों करूंगी लेकिन मुझे किस आदमी मेरे कटे पर नमक छिड़कने नहीं चाहती हूं। अक्सर विजय जी हमसे सवाल पूछकर अच्छे हिन्दी बोलनेवाले मुंह से बात न करते । यह सलूक से मैं कम हिन्दी सीखती और अब हमें क्लास को ठीक करने चाहिये । अगर एक छात्र बोलता घर जैसे गर तब तुम उसे सही उच्चारण कहो ( शायद क्लास के बाद) । वह मेरा गोरा और मेरा घोड़ा एक बड़ा फ़र्क है। अगर तुम लोग मद्द देंगे तब शायद मैं कम गलतियां करूंगी और किन लोगों को न खिज हो जाएगा।
Sunday, October 12, 2008
तलाक तलाक तलाक
मेरी नानी की माँ ने दो आदमियों को तलाक दिये । उस की ज़िन्दगी में बहुत-से कठिनाई होते थे। अब मेरी नानी की माँ को बहुत शाद होता है। चार साल पहले बुआ को तलाक दिया । मुझे फूफा से मिला नहीं खुशी हुई । मैं सोचती थी की वह बदमान आदमी था । वह सही थी । मेरे चाचों ने अपने के बीवियों को तलाक दिया । एक चाचा का तलाक नहीं ख़त्म हो जाता है। दस सालों से मेरा मामा ने तलाक दिया । जब मामा तलाक हुआ तब मेरी माँ का खानदान को उदास लगा था ।
अब तक मेरे परिवार को खुशी थी । हाँ तो पिछले इतवार को मेरी माँ मुझसे फोन किया । जब मेरी मां कि उम्र अठारह साल थे तब मेरा जन्म दिन हुई । मेरी माँ बहन जैसी है । वह फफफ-फफफ कर रही थी तब उसने कहा, " मैं नाना का घर वापस जा होगी । पापा मुझे तलाक देने चाह्ते हैं । " यह सुनकर मैं कहा " मम्मा यह हद हो गई । । आप क्या करेंगे?" फ़िर मैं चुप हो गई। तब से मेरे माँ - बाप ने विवाह को ठीक करना लगा । बहुत-से तलाक हो गए थे। शायद मुझे राबिन से शादी करना नहीं चाहिये या मेरा खानदान में शादियाँ बर्बादी होती हैं । मुझे पता नहीं । मैं क्या करुँ ? मुझे रिश्ता संभालना चाहिये ।
सर्दी
जब मुझे बार साल का है मैं ने बेकी को मिला । उस की शौक बर्फ पर कुत्ते चलाने हैं । उस ने मुझे कुत्ते चलाना पढ़ाई। मैं भी कुत्ते सम्भाल देती थी। उसके पास बहुत से कुत्ते थे । लगभग अठारह बड़े कुत्ते और छे छोटे कुत्ते थे । मेरे पसंदीदे कुत्ते का नाम जेक था। वह हमेशा शर्मीला था । मैं रोज़ रोज़ जेक को संभाल देती थी।
मैं और अपना परिवार मिशिगन में skii करते थे । मैं बहुत अच्छी skier होती थी तब एक दिन मुझे दुर्घटना हुआ । एक skier ने मेरे पीर को टकराई । मुझे आस्पिताल जाना था और मेरे पीर को दर्द लगा । आजकल अगर मैं skii करती हूँ तो मैं कुछ डरा होती है । बचपन से मैं बढ़ा हो गई और अभी मुझे सर्दी नहीं पसंद है।
Thursday, October 2, 2008
ख़रगोश
अशुभ
Saturday, September 20, 2008
कभी कभी रात को मुझे सपने आते है। कुछ ख़्वाब बहुत ख़राब है तो मेरा नींद टूट गया। इन रात को मैं डर भी लगती हूं। पिछले सर्दी मुझे एक सपना आया । अचल मैं सपना की याद करती हूं।
रात का मौसम सुन्दर है । बर्फ़ पड़ रही है मैं अपनी कमरे की ख़िड़की से आसमान देख रही हूं। मेरे लिये सब दुनिया चुप हो गई और मैं कुछ नहीं सुन सकी हूं। अचानक मैं चीख़ किसी औरत से सुन रही हूं। मैं समझ है कि यह आवाज़ मेरी छोटी बहन से है । मैं घर छोड़ी और अवाज़ की तरफ़ जल्दी से चलती है । मुझे ठंड नहीं लग रही हूं। अवाज़ कानन में है इसलिये मुझे धीरे धीरे जाने है । वह रात अंधेरी है और कुछ नहीं प्रकाश चान्द से है। तभी सब ख़ामोश हो गई । मैं ने अपनी बहन देख नहीं सकी तो कुछ समय पर मैं ने बहन को भलाई । मैं बर्फ़ पर बैठी । फ़िर सब दुनिया चुप हो गई मैं अपनी हाथों मैं तर लग रही हूं । मुझे मिट्टी गर्म लगी । एक पेड़ के नज़दीक मेरी बहन की लाश है । मैं दोबारा उस का नाम चीखी तब मुझे बाहार आदमी ने हाथों से मेरी कंधे को पकड़े।
Thursday, September 11, 2008
मेरे पौधे
मेरे दुसरे पौधे एक अँग्रेज़ी प्रकार की लता तरह का पौधा और दो ताड़ के पौधे हैं। दो पौधा डेस्क पर रहते हैं । मेरे दुसरे पौधे खिड़की में हैं । मेरा पसन्दीदा पौधा एक ताड़ का पौधा है । उस के पत्तियाँ छोटे हैं । आज एक पत्ती मार हो रही है। दो ह्फ़्ते पहले मेरे सब से अच्छा पौधा फूल शुरू हो रहा था। वह फ़ूल गेहरा गुलाबी है ।
मैं हर हफ़्ता पौधों को पानी देती हूँ। मैं दो या तीन लिटर पौधों को देती हूं । मैं रम बाटल से पानी देती हूँ। जब एक पौधे को मिट्टी चाहिये तब मैं आधिक मिट्टी उस के घमले में रखती हूँ।
मेरे पास एक गुलाब थी लेकिन एक बार मैं ने एक बार इतने ज़्यादा पानी गुलाब को दी तो वह मुझसे मर गई। अब मैं क्भी नहीं गुलाब का पौधा ख़रीदूंगी।