Monday, November 24, 2008

मेरा पसंदीदा खाना आलू है। इस दुनिया में बहुत-से आलू के पाक-विधि हैं। इस आलू का पाक-विधि मेरा अभ्यास का विषय है। पहले मुझे दुकान से दो किलो आलू ख़रीदना है । सब से अच्छे आलू के तरीके ईडहो रस्सट और यूकान गोल्ड हैं क्योंकि दोनों आलू में ज़्यादा स्तार्च हैं। मुझे रस्सट का आलू बहुत पसन्द है। जब मैं दुकान में हर आलू को सावधानी से इच्छा करती हूँ। एक अच्छा आलू का आकार एकही हाथ की चौड़ाई है। एक बड़ा आलू का तेक्सचर अच्छा नहीं है। फ़िर मुझे सब आलू को धोन है। धोने के बाद मुझे हर आलू को छल छिलना है। दोबारा मुझे आलू को धोने है। तो सब आलू बहुत साफ़ हो गया है। मुझे चाकू से हर आलू को दो – तीन सेन्टमीटर टुकड़े बनाने है। काटने के बाद मुझे सब आलू भर पानी के पतीले में ढालना है। आलू को बीस-तीस मिनट उबलने चाहिये है। इस के बाद मुझे पतीले से पानी को खाला करना है। पतीले में मुझे कोई दूध और मखनी ढालना है। कभी कभी मैं कोई सुकंद पतीले में ढाल सकती हूँ। बासन्त को सुकंद बढ़ा जाता है। फ़िर मुझे घटकों को मसलना है। इस के बाद मैं वह मसलनेवाले आलू और दुसरे गोश्त खाती हूँ ।
मेरा खानदान में पहले हर पुरुष बिस साल का है जब उन की पहली शादी हुई। बचपन में मुझे लगता था कि जब मेरी उम्र बीस साल है तब मेरी शादी हो चुकी। लेकिन अब मैं तेईस साल का हूं और मैं बीवी नहीं बनी। मुझे परेशान नहीं लगता हूं। मैं अपने होनेवाले पति से मिल गाई। वह मुम्बाई से है मैं पश्चिमी मिशिगन से हूँ। उस का खानदान हिन्दू लोग हैं और मेरा खानदान इसाई लोग हैं । मेरी शादी तीन-चार सल को होगी। शादी एक महंगी चीज़ है। तो हमें बहुत-से पैसे बचाना है और हमारा तालीम ख़त्म हो जाएंगे। यह मेरा परिवार का नया अधिकार है। मेरी शादी दो अलग जगह में होगा। भारत में हिन्दू रस्म होगी और दुसरी इसाई की रस्म अमरीका में होगी। मुझे पता नहीं कि क्या मुझे दोनों रस्म प्रबन्ध करना है। मेरी नानी के ख्याल में मुझे सिर्फ़ इसाई की शादी करने चाहिये। मेरे ख्याल में मुझे दोनों रस्म चाहिये तो दो खानदान ख़ुशी होने है। पहले अमरीका में बह इसाई रस्म हो तो मेरी मां की खानदान शान्ति हो जाएगा। मुझे आशा है कि सब ठीक हो जाएगा। मैं समझती हूं कि यह नाजुक स्थिति है। मैं इस स्थिति को बहुत ध्यान दूंगी।

Thursday, November 20, 2008

काम

पिछ्ले साल मैं मुंबई गई । मैं ने एक कार्यक्रम में मानसून को काम किया। उस कार्यक्रम मरीज़ों की सेहत के बारे में पढ़ती थी। मैं यह रोग ऐद्ज़, मलेरिया डेंगू बुखार leptospiriasis तपेदिक कुष्ठ रोग पढ़ी। आदि मैं कुष्ठ रोग की इतिहास लक्षण और धब्बा पढ़ी। मैं Acworth कुष्ठ रोग के अस्पताल में wadalla के नज़्दीक या डाक्टर म्हात्री की क्लिनिक में काम करती थी। फ़िर मैं ट्रेन गाड़ी से पनवेल पहुंचकर शान्तिवन एक गांव। शान्तिवन कुष्ट बीमारी की घर है। कभी कभी आदमी को कुष्ट रोग हुआ तब परिवार ने उस का परित्याग किया। तो वह बीमारी शान्तिवन आ जाते हैं। शान्तिवन में सब बीमारियां अच्छा होते हैं लेकिन कुछ आदमी घर नहीं वापस जा सकते हैं। जीवन के लिये वे ख़ूबसूरत क़ालीनें झोले और कंबल बनाते हैं। पहले वह रस्से बनाते हैं। फ़िर वह रस्से को नीला लाल संतरा पीला गुलाबी हल्का नीला और हरी लगाते हैं। उन के पास बाड़े करघे के पास हैं। हर लम्बा करघा 20 मीटर है। आहिस्ता आहिस्ता वह चीज़ें बनाते हैं। मुझे उन के चीज़ें बहुत पसन्द है। मैं ने शान्तिवन में क़ालीन बनाने के बारे पढ़ी और कुछ लोगों की ज़िन्दगी सुनी।

करावाना

मैं ने एक मूवी को करावाना के बारे में देखा। यह करावाना की कहानी है। करावाना एक कपड़े की काम्पनी है। करावान की आर्थ फ़ार्सी से हैं । उस का मतलब कप्ड़ों का जमाव है। यह दो औरतें की काम्पनी है। एक औरत का नाम कर्स्टन ऐंज़्वर्थ और दुसरे काम्पानीवाली का नाम कैथी ब्रैड है। दोनों औरतें आस्ट्रेलिया से है और अच्छी यूनिवर्सिटी में पढ़ लिया। कर्स्टन एक कामूनिकैशंज़ मैजोर थी और कैथी ने कपड़ों की डिसइन्ज़ पढ़ी। पढ़ाई के बाद दोनों आदमी दुसरे देश में रहने चाहती थीं। कुछ समय के बाद उस ने पाकिस्तान जाने तय किया। पहले कर्स्टन चित्राल पाकिस्तान गई। वह बहुत-से लोगों से मिली तो कैथी और कर्स्टन चित्राल गईं। उस ने आपने सभी पैसे पाकिस्तान लाई। वे नौकरों के द्वारा बहुत-से कपड़े सिलवाती हैं । कुछ नौकर बुनाई करती थी। अन के नौकर अलग-अलग करती थी। उसमानिया एक करावान का नौकर है। वह घाघरे पर बुनाई करती है। उस को एक सौ पचास डालर हर घाघरे से मिलती है। आस्ट्रेलिया में इस घाघरा की क़ीमत एक हज़ार डालर है। उसमानिया विधवा हुई थी। उस का पति पांच साल पहले चल बसा। उस का परिवार बहुत बड़ा है। उसे काम करना है क्योंकि अपना परिवार को मद्दद करना है। 2004 से कैथी और कर्स्टन पाकिस्तान में रह जाती हैं। पर इस साल को करावाना के काम ख़त्म हो गई क्योंकि कैथी की शादी हुई। अभी चित्राल में उस्मानिया को पैसे कैसे मिलेगी।

Monday, November 3, 2008

शाम को मैं काम कर जाती हूं। दो बजे को मैं पुस्तकालय या अस्पताल से घर जाती हूं। मैं सूर्यास्त नहीं देखती हूं क्योंकि शाम को मुझे काम करना चाहती हूं। मुझे सूर्यास्त देखना पसन्द है चूँकि मुझे सूर्यास्त से सूर्योदय बहुत पसन्द है। देर से मैं सो जाती हूं। छ: बजे को मैं पलंग से उठती हूं। गर्मी को सूर्योदय के बाद जागती हूं। सरदी को सवेरे सवेरे पहले आकाश अधेरा होता है। मैं कुछ न्हीं देख सक्ती हूं । तब सूरज क्षितिज के उपर उठना शुरु होता है और आसमान स्लेटी और नरंगी होता है। क्षितिज की ओर जल्दी जल्दी आसमान गुलाबी सतर लाल और बैगनी होता है। अंग्रेजी में एक मुहावरा है सूर्योदय के बारे में है। मेरी नानी ने मुझसे कही, “ अगर सुबह लाल आस्मान होता तो जहाजी मल्लाह ध्यान दे । अगर सूर्यास्त को लाल आसमान होता है तो सैलोर्ज़ दीलाइट। कोई लोगों को आकाश के रंग निशान लगता है । शायद ख़राब आब-हवा होगा लाल होगा यदि सुबह आकश होता है । मेरे एल्दर्ज़ वह मुहारा विश्वास करते है तो आसमान का रंग के करण कुछ त्योहार काट हो गई।

इस दुनिया में कम जगह कुष्ट रोगियां का संभाल देखते हैं। शान्तिवन में एक कुष्ट रोगी का शरण स्थान है। वह गांव महाराष्ट्र में है और पनवेल के नज़दीक है। शान्तिवन में सिर्फ़ कुष्ट रोगियां अपने परिवार और मेहमान रहते हैं । शान्तिवन का ज़मीन ज़्हादा तर है तो गांवाले चावल बढ़ते हैं। सुबह एक दिन मैं ने किसानों को खेत में देखा। उन ने बहुत ज्ल्दी काम किया। मैं ने एक गांवाली के साथ चावल के खेत घूमके उस ने मुझे चावल के पौधा लगाना सीखा । मैं ने पौधा लगाने कोशिश किया पर मैं धीरे धीरे काम किया । उस पल में मैं निष्फल थी। अक्सर मैं कीचड़ में पड़ी और वह गांववाली हँसते हँसते थी । मैं भी हँसने हुई थी । लेकिन मुझे पराजित करने लगा तो मैं ने घर जाकर कपड़े बदला । उस दिन को मैं अच्छी किसान नहीं हुई थई । मुझे घर के पौधों को संभाल देख्नने बहुत पसंद है। तो मैं सिर्फ़ रसयन विग्यान बनूंगी।

Monday, October 27, 2008

पिछ्ले हफ़्ते में मैं बहुत बीमार थी। पहले रविवार को मैं बहुत थकी हुई थी। मैं नाक से नहीं सांस ले सकती थी। मुझे बहुत काम था तो मैं काम कार रही थी। मैं बहुत-से कपड़े पहनती थी क्योंकि मुझे ठंडी लगती थी। भर हफ़्ता मेरे पेट में दर्द होता था। शुक्रिवार को मैं रसयन का क्लास गई । क्लास में मैं ने ध्यान नहीं दिया क्योंकि मैं सो गई । क्लास के बाद मुझे अस्पिताल जाकर काम करना था । पर मुझे बहुत थकन थी तो मैं घर वापस गई। मैं घर पहंचकर अपने पलन्ग पर सो गई। मुझे बुख़ार था तो मैं कुछ दवाई खाई। दोबारा मेरा दोस्त ने मुझसे फ़ोन किया । तो मैं ने उस से कहा कि मैं बीमार थी तो उस ने मेरी घर आया । मेरा दोस्त ने मुझे दवा मूवियां और कुछ जूस दिया। फ़िर उसने अपने हाथों को धोकर मेरी घर छोड़ गया। मैं दो दिन सो गई। रविवार को मुझे अपने पुस्तकालय की नौकरी का काम करना था। मुझे ज़ुकाम था लेकिन मैं क्या करूं? आज मुझे सिर्फ़ थकन और खान्सी है लेकिन अब मुझे बेहतर लगता है।
मेरा पसंदीदा टी वी सीरियल फ़्रैज़र है । फ़्रैज़र अमरीकी सितकाम थी। एन बी सी ने फ़्रैज़र ग्यारह साल प्रसारित किया । वह सिटकाम में छः गुण फ़्रैज़र क्रैन नयल्ज़ क्रैन मार्टिन क्रैन राज़ डोयल डैफ़्नी मून और ऐड्डी था । फ़्रैज़र नयल्ज़ क्रैन का बड़ा भाई था और मार्टिन दोनों अदमियों के पिता था। फ़्रैज़र और नयल्ज़ भी डाकटर थे। फ़्रैज़र भी राज़ के साथ काम करता था । वे कै ऐ सी एल के रेडियो स्टेशन से प्रसारण बनाते थे ऐड्डी मार्टिन का नटखट कुत्ता था । मर्टिन ऐड्डी के द्वारा अपने बेटों को मज़ाक करवाता था। मार्टिन पुलिसवाला था मगर एक दिन डाकू ने मार्टिन को गोली मारी। मार्टिन के पीर में दुर्घटना के बाद बहुत दर्द होता था। मार्टिन को उपचार चाहिये था । मेरा पसंदीदा गुण डैफ़्नी है। डैफ़्नी क्रैन लड़कों को मदद करती थी। डैफ़्नी को घर साफ़ करना खाना पकाना कपड़ों को धोना चीज़ खरीदना था। वह इंग्लैंड से था। डैफ़्नी नयल्ज़ से प्यार करती थी । नवां सीज़न में डैफ़्नी और नयल्ज़ की शादी हुई।
चार दिन में नवम्बर होगा। नवम्बर में मुझे फ़ुर्सत नहीं होगा। भर हफ़्तों को मैं सिर्फ़ काम कर रहूंगी । हर पीर बुधवार रविवार के रातों को मैं तीन घंटे पुस्तकालय जाकर काम कर रहूंगी । हर गुरुवार और मंगलवार मुझे एक्सपीरिमेन्ट करना होगा । सुबह एक एक्सपीरिमेंट साढ़े सात बजके शुरु हो जाएगा। पहले मैं सेन्सोर्ज़ अंशशोधन करूंगी। अगर सब ठीक हो जाएगा तो मैं तैरी से कहूंगी कि “ खरगोश की सुर्जरी शुरु हो सकता”। सुर्जरी के बाद हर घंटे पर मैं सेन्सोर्ज़ से खरगोश का खून विश्लेषण । प्रति एक्सपीरिमेन्ट सात घंटों से होता है। एक्सपीरिमेन्ट के बाद मैं हिन्दी की क्लास जाती हूं। मुझे नवम्बर का चौथा दिन मेरी रसयन की परीक्षा देने होगा। आठवां नवम्बर शनिवार को मुझे जी अर ई की रसयन की परीक्षा देने होगा। हर शुक्रवार शनिवार को मैं दो पहर को अस्पिताल में काम कर रहूंगी। अस्पताल में मैं तीन स्तडीज़ पर काम कर रहूंगी। शयद अंत नवम्बर अगर मुझे कुछ फ़ुर्सत होगा तो मैं नाना का घर जाऊंगी।

एक दिन मन्गलवार को क्लास में मुझे बहुत गुस्सा लगा । तो मैं ने एक बातचीत लि्खा। आजकल क्लास में मुझे खुशी लगती है। मुझे क्लास में यह बातचीत नहीं बोलने चाहिये मगर मैं ने बहुत वक्त इस भषण पर लिखा। कभी कभी मैं हँसते-हँसते झेलती हूं लेकिन अब नहीं । मैं ने कुछ बद सलूक देखे। जब किस तालिब इल्म ने हिन्दी गलतियां की तब लड़के ने मुंह बिगाड़ा गया। अक्सर क्लास में मैं हिन्दी में बोलती डरती हूं क्योंकि मैं बहुत गलतियां करती हूं। हां तो मैं गलतियों करूंगी लेकिन मुझे किस आदमी मेरे कटे पर नमक छिड़कने नहीं चाहती हूं। अक्सर विजय जी हमसे सवाल पूछकर अच्छे हिन्दी बोलनेवाले मुंह से बात न करते । यह सलूक से मैं कम हिन्दी सीखती और अब हमें क्लास को ठीक करने चाहिये । अगर एक छात्र बोलता घर जैसे गर तब तुम उसे सही उच्चारण कहो ( शायद क्लास के बाद) । वह मेरा गोरा और मेरा घोड़ा एक बड़ा फ़र्क है। अगर तुम लोग मद्द देंगे तब शायद मैं कम गलतियां करूंगी और किन लोगों को न खिज हो जाएगा।

Sunday, October 12, 2008

तलाक तलाक तलाक

मेरे खानदान में सात तलाक हो गए । मेरी दादी की माँ को साठ साल पहले तलाक दिया। चालीस साल के बाद मेरे दादा ने दादी को तलाक दिया । जब वह तलाक हुआ तब मेरे पापा और बुआ को बहुत दुखी लगी थी । मेरे दादा ने कैरोल को मिला । दो सालों बाद दादा कैरोल से शादी किया । कैरोल divorcee भी थी । इसलिये दादा के घर में मैं दादा से दादी के बारे में नहीं बोल सकती हूँ।

मेरी नानी की माँ ने दो आदमियों को तलाक दिये । उस की ज़िन्दगी में बहुत-से कठिनाई होते थे। अब मेरी नानी की माँ को बहुत शाद होता है। चार साल पहले बुआ को तलाक दिया । मुझे फूफा से मिला नहीं खुशी हुई । मैं सोचती थी की वह बदमान आदमी था । वह सही थी । मेरे चाचों ने अपने के बीवियों को तलाक दिया । एक चाचा का तलाक नहीं ख़त्म हो जाता है। दस सालों से मेरा मामा ने तलाक दिया । जब मामा तलाक हुआ तब मेरी माँ का खानदान को उदास लगा था ।

अब तक मेरे परिवार को खुशी थी । हाँ तो पिछले इतवार को मेरी माँ मुझसे फोन किया । जब मेरी मां कि उम्र अठारह साल थे तब मेरा जन्म दिन हुई । मेरी माँ बहन जैसी है । वह फफफ-फफफ कर रही थी तब उसने कहा, " मैं नाना का घर वापस जा होगी । पापा मुझे तलाक देने चाह्ते हैं । " यह सुनकर मैं कहा " मम्मा यह हद हो गई । । आप क्या करेंगे?" फ़िर मैं चुप हो गई। तब से मेरे माँ - बाप ने विवाह को ठीक करना लगा । बहुत-से तलाक हो गए थे। शायद मुझे राबिन से शादी करना नहीं चाहिये या मेरा खानदान में शादियाँ बर्बादी होती हैं । मुझे पता नहीं । मैं क्या करुँ ? मुझे रिश्ता संभालना चाहिये ।

सर्दी

बचपन में मुझे सर्दी बहुत पसंद थी । मैं बहुत कपड़े पहनके घर के बाहर जाती थी । मैं अपनी बहन के साथ भर दिन खेलती थी । हम बर्फ को बहुत-से स्नोवमेन बनाते थे । मेरे परिवार के पास पाँच कुत्ते थे . उन के नाम sally रक्सी राडनी रोक्सी ऊम्पा और रसल । हम कुत्तों के साथ सैर करती थी . माँ-बाप के पास एक बड़ा खेत था । खेत लगभग ७२ ऐकर्ज़ था । खेत के नजदीक मेरी मौसी का घर और राज्य सरकार का ज़मीन । हम उस जमीन में भी सैर करती थी । वह ज़मीन सब लोग घूम सकते हैं । कभी कभी अकेला मैं अपने घोड़े को चलाती थी । एक पल राज्य सरकार का ज़मीन में मैं घोड़े से खोया हुई । मेरा घोड़े ने पथ डाला और समय पर हम खेत पहुंचे ।

जब मुझे बार साल का है मैं ने बेकी को मिला । उस की शौक बर्फ पर कुत्ते चलाने हैं । उस ने मुझे कुत्ते चलाना पढ़ाई। मैं भी कुत्ते सम्भाल देती थी। उसके पास बहुत से कुत्ते थे । लगभग अठारह बड़े कुत्ते और छे छोटे कुत्ते थे । मेरे पसंदीदे कुत्ते का नाम जेक था। वह हमेशा शर्मीला था । मैं रोज़ रोज़ जेक को संभाल देती थी।

मैं और अपना परिवार मिशिगन में skii करते थे । मैं बहुत अच्छी skier होती थी तब एक दिन मुझे दुर्घटना हुआ । एक skier ने मेरे पीर को टकराई । मुझे आस्पिताल जाना था और मेरे पीर को दर्द लगा । आजकल अगर मैं skii करती हूँ तो मैं कुछ डरा होती है । बचपन से मैं बढ़ा हो गई और अभी मुझे सर्दी नहीं पसंद है।

Thursday, October 2, 2008

ख़रगोश

मेरा ख़रगोश का नाम बन्नी है। मैं ने एक दुकान से वह ख़रगोश ख़रीदा । उसका समूर भूरा और काला के रंग हैं । उस का समूर ख़ूब नरम है। अभी उस की उम्र छः महीने हैं। मुझे हमेशा ख़रगोश शैतानी लगता है। जब मैं ने बन्नी ख़रीदा तब वह ज़्यादा पतला था। अभी वह बहुत मोटी है । वह मेरा बिल्ली से बड़ा है। इसलिये मेरी बिल्ली को बन्नी न पसन्द है। वह हमेशा खाना खा रहा है। मैं बन्नी से खाना नहीं ले सकती हूं क्योंकि उसे अपने खाने खिलौने से सिर्फ़ प्यार करता है। मगर मुझे जानवर से खाना लेना चाहिये । मैं कभी कभी ख़रगोश के लिये कुछ खिलौने ख़रीदती हूं। उसके खिलौने बच्चे के खिलौने जैसे हैं। उसे नन्हे वुड ब्लाक पसंद हैं और वह अपने खिलौने खाता है। इसलिये बन्नी सोचते है कि मेरे पौधे भी खिलौने हैं। एक दिन उस ने मेरा भर पौधा खाया। मैं बहुत नाराज़ हुआ। कुछ नहीं मैं ने पौधे को मद्द नहीं कर सका। तो मैं ने ख़रगोश को कैज के अन्दर रखकर पौधा कचरे में रखा। मेरे पौधों को बचाने के लिए मैं बन्नी को हर दिन ज़्यादा गोभी गाजर खरबूज़ा खिलाती हूं । आज मैं ने चिची को बन्नी दिया। क्योंकि चिची मुझसे ख़रगोश से प्यार करती हूं। कल मैं ने चिची को बन्नी दिया। क्योंकि चिची ख़रगोश से बहुत प्यार करती हूं ताकि मैं ख़रगोश से कम प्यार करती हूं । मुझे बन्नी पसन्द है लेकिन मैं सोचती हूं कि ख़रगोश सिर्फ़ जंगली जानवर है और अच्छा पेट नहीं है।

अशुभ

पिछले हफ्ता मुझे अशुभ लगा । क्योंकि मेरे पास बहुत-से समस्याएं थे। सोमवार को जब मैं ने अपना कम्प्यूटर से एक प्रोग्राम हटाया तब कम्प्यूटर का ड्राइवर ठीक नहीं हो गया । अब तक मैं अपने कम्प्यूटर पर मूवी नहीं देख सकी । मैं कम्प्यूटर की दुकान गई लेकिन दुकानवाले ने मेरे कम्प्यूटर को नहीं ठीक कर सका । तो मैं ने अपने दोस्त से मद्द करना पूछा । तब तक मैं सोचती थी कि वह कम्प्यूटर के बारे में होशियार आदमी था। अब मैं जानती हूं कि मेरे दोस्त को कम्प्यूटर ठीक करना नहीं मालूम है और बहुत सुस्त है। मैं पापा को फ़ोन करके सोच शुरु हुई कि “मैं क्या करूं”। बार-बार मैं ने पापा को किया । पूर्ण रूप से पापा मुझसे बात किया और संज्ञापन दिया । पापा ने कहा, “ शायद जब मैं मिशिगन जाऊंगी और मुझे फ़ुर्सत हैं तब मैं ने कम्प्यूटर को ठीक करूंगी” । तो मैं ने पापा की प्रतीक्शा करना शुरू किया । बुधवार को मुझे बाज़ार जाना था तो मैं साइकल से गई। मैं ने जल्दी से बाइक को चालाई । अचानक मुझे एक दुर्घटना किया। मेरा हालात ठीक है लेकिन मेरा पसन्दीदा पतलून फाड़ा गया था । शुक्रवार को मेरा पसंदीदा दो कान की बालियां सिंक का नल के अन्दर गिर गई । मुझे कठिन काम करना था पर मैं ने नल की पाइप से उन्हें बचाया। हर रोज़ भी मेरे पेट में दर्द हो रहा था । तो मैं कुछ पेट के दवाइयाँ खाई मगर सुबह मुझे पेट में दर्द लगता हूं। शायद अगला ह्फ़्ता भर चीज़ अच्छा हो जाएगी।

Saturday, September 20, 2008

एक सपना
कभी कभी रात को मुझे सपने आते है। कुछ ख़्वाब बहुत ख़राब है तो मेरा नींद टूट गया। इन रात को मैं डर भी लगती हूं। पिछले सर्दी मुझे एक सपना आया । अचल मैं सपना की याद करती हूं।

रात का मौसम सुन्दर है । बर्फ़ पड़ रही है मैं अपनी कमरे की ख़िड़की से आसमान देख रही हूं। मेरे लिये सब दुनिया चुप हो गई और मैं कुछ नहीं सुन सकी हूं। अचानक मैं चीख़ किसी औरत से सुन रही हूं। मैं समझ है कि यह आवाज़ मेरी छोटी बहन से है । मैं घर छोड़ी और अवाज़ की तरफ़ जल्दी से चलती है । मुझे ठंड नहीं लग रही हूं। अवाज़ कानन में है इसलिये मुझे धीरे धीरे जाने है । वह रात अंधेरी है और कुछ नहीं प्रकाश चान्द से है। तभी सब ख़ामोश हो गई । मैं ने अपनी बहन देख नहीं सकी तो कुछ समय पर मैं ने बहन को भलाई । मैं बर्फ़ पर बैठी । फ़िर सब दुनिया चुप हो गई मैं अपनी हाथों मैं तर लग रही हूं । मुझे मिट्टी गर्म लगी । एक पेड़ के नज़दीक मेरी बहन की लाश है । मैं दोबारा उस का नाम चीखी तब मुझे बाहार आदमी ने हाथों से मेरी कंधे को पकड़े।
एक अमरीकी लड़की घर जाकर यूनिवर्सिटी पहुंची । वह विशेष यूनिवर्सिटी जाती थी । तो वह सोचती थी कि उसे किताबें पढ़नी थीं। क्लास एक-ही हफ़्तह में शुरु होगा इसलिये उसे लोगों को मिलकर फुरसत आनंद लेने चाहिये थे । वह होशियार दयालु और थोड़ी शैतानी थी । तो कोई वक्त नहीं उसने बहुत से लोगों को मिले और वह लोग उसे मिले ख़ुश हुए । उसके अनेक नये दोस्त हिन्दुस्तान कुवैत दुबई या लेबनान से थे । उन्हें बहुत भाषाएं आती थीं। जब वह पार्टियों से आते-जाते थे तब उन ने लड़की को कोई भाषा सिखाते थे । उसे हिन्दी बहुत पसन्द है और वह कुछ हिन्दी की याद करती थी । परन्तु दुसरी भाषाएं लड़की भूल गई। लड़की के साथ अपने दोस्त आराम नहीं कर सकते थे क्योंकि कुछ आमोद जनक होता या तमाशा होता था। हफ़्ते के बाद क्लास शुरु किया । समय समय पर क्लास में उन ने कम काम किये परन्तु समस्या नहीं था । यह सेमेस्टर लड़की और अपने दोस्तों के क्लास कठिन नहीं । एक रात को वह अपने दोस्तों के साथ पार्टी पहुँची और वह सोच रही थी, “ यह पार्टी ख़ूब बोरियत होगी।“ तभी उसने कोई दोस्त को कहा, “ मैं घर अन्दर नहीं जाऊँगी । “ उस के दोस्त घर अन्दर जाकर वह कुछ कदमों पर बैठी। घर में बहुत शोर थी तथा सब लोग शराब पी रही थी । अब तक उसे पार्टी पसन्द थी मगर अभी उसे अंधेरी खामोश चाहिये थी। तभी कुछ आदमी घर अन्दर गए । थोड़े समय पर एक लड़का पार्टी से निकाले और चुपचाप ख़ड़ा रहा था। लम्बे समय पर लड़के ने कहा, “ यह अंधेरी रात है । जब पूनम होती है तब मेरे देश में एक त्यौहार होता है। चान्द कहां गई?” उस ने जवाब दे, “ मुझे पत्ता नहीं है।“ लड़के को सदमा है । उस ने पुकारा, “ हद हो गई तुम्हें हिन्दी आती है !” उस पल में एक प्रेम की कहानी शुरु हुई।

Thursday, September 11, 2008

मेरे पौधे

मेरे पास सात पौधे हैं। दो पौधे बहुत बड़े हैं और उनके नाम माँनी प्लेंट है। वह पौधे की लता लगभग आठ फ़ीट हैं । छत के कोणों लम्बे नल हैं तो मैंने लतों को नल के बारे में लपेटा। उन पौधे के पास बहुत पत्तियाँ हैं। उन के पत्तियाँ हरी और पीली हैं। एक पत्ती का शकल दिल जैसा है । वह पौधे जल्दी बड़े हो जाते हैं । परन्तु वह मेरा पसन्दीदा पौधा है ।
मेरे दुसरे पौधे एक अँग्रेज़ी प्रकार की लता तरह का पौधा और दो ताड़ के पौधे हैं। दो पौधा डेस्क पर रहते हैं । मेरे दुसरे पौधे खिड़की में हैं । मेरा पसन्दीदा पौधा एक ताड़ का पौधा है । उस के पत्तियाँ छोटे हैं । आज एक पत्ती मार हो रही है। दो ह्फ़्ते पहले मेरे सब से अच्छा पौधा फूल शुरू हो रहा था। वह फ़ूल गेहरा गुलाबी है ।
मैं हर हफ़्ता पौधों को पानी देती हूँ। मैं दो या तीन लिटर पौधों को देती हूं । मैं रम बाटल से पानी देती हूँ। जब एक पौधे को मिट्टी चाहिये तब मैं आधिक मिट्टी उस के घमले में रखती हूँ।
मेरे पास एक गुलाब थी लेकिन एक बार मैं ने एक बार इतने ज़्यादा पानी गुलाब को दी तो वह मुझसे मर गई। अब मैं क्भी नहीं गुलाब का पौधा ख़रीदूंगी।

Monday, September 8, 2008

मेरे बचपन में मैं सोचती थी कि मैं एक अनुवादक united nations के लिये बनूँगी। वह सिर्फ़ ख़्वाब था क्योंकि मेरे परिवार ने ख्याल नपसन्द किया था। शायद एक दिन मैं अपनी नौकरी के लिये हिंदी बोलूँगी । तो हर सेमेस्टर मैं कोई भाषा सीखती हूं । अभी मैं हिन्दी और उर्दू सीखती हूं और विज्ञान पढ़ती हूँ। मुझे यह हिँदी की क्लास मुश्किल है। शायद आप सोचते होगे, “ क्यों उसे इस क्लास से कठिनाई है?” मुझे बहुत ख्याल विषय के बारे में हैं। पहले मैं हिन्दूस्तानी नहीं हूं और क्लास में बहुत अच्छे हिन्दी बोलनेवाले हैं। दुसरा मैं पांच क्लास ले रही हूं । मुझे दो नौकरी है। मैं दोस्त को भी मद्द देती हूं। वह वैज्ञानिक है । क्भी क्भी उसे बहुत काम है तो मैं लैब में आकर मद्द देती हूं। तीसरा मुझे थोड़े शब्द आते है। हर रात मैं शब्द याद करने कोशिश करती हूं। मुझे नहीं मालूम है यादि मैं यह क्लास ले सकूंगी। मैं हिन्दी प्यार करती हूं लेकिन मेरी नौकरी के लिये रसायन शास्त्र पढ़ने बहुत बहुत ज़रूरी है। अभी मेरा बड़ा क्वाइश है कि मैं बहुत अच्छी विज्ञानवाली बनूँगी। अब तक मैं दो घंटे रोज़ हिन्दी सीखी हूं। यह इतने ज़्यादा तो मैं कम समय हिन्दी सीखूंगी हूं। मैं अच्छे काम में लाने कोशिश करूंगी पर क्भी क्भी मैं कुछ काम डेर ख़त्म कर हूंगी।