Saturday, September 20, 2008
एक अमरीकी लड़की घर जाकर यूनिवर्सिटी पहुंची । वह विशेष यूनिवर्सिटी जाती थी । तो वह सोचती थी कि उसे किताबें पढ़नी थीं। क्लास एक-ही हफ़्तह में शुरु होगा इसलिये उसे लोगों को मिलकर फुरसत आनंद लेने चाहिये थे । वह होशियार दयालु और थोड़ी शैतानी थी । तो कोई वक्त नहीं उसने बहुत से लोगों को मिले और वह लोग उसे मिले ख़ुश हुए । उसके अनेक नये दोस्त हिन्दुस्तान कुवैत दुबई या लेबनान से थे । उन्हें बहुत भाषाएं आती थीं। जब वह पार्टियों से आते-जाते थे तब उन ने लड़की को कोई भाषा सिखाते थे । उसे हिन्दी बहुत पसन्द है और वह कुछ हिन्दी की याद करती थी । परन्तु दुसरी भाषाएं लड़की भूल गई। लड़की के साथ अपने दोस्त आराम नहीं कर सकते थे क्योंकि कुछ आमोद जनक होता या तमाशा होता था। हफ़्ते के बाद क्लास शुरु किया । समय समय पर क्लास में उन ने कम काम किये परन्तु समस्या नहीं था । यह सेमेस्टर लड़की और अपने दोस्तों के क्लास कठिन नहीं । एक रात को वह अपने दोस्तों के साथ पार्टी पहुँची और वह सोच रही थी, “ यह पार्टी ख़ूब बोरियत होगी।“ तभी उसने कोई दोस्त को कहा, “ मैं घर अन्दर नहीं जाऊँगी । “ उस के दोस्त घर अन्दर जाकर वह कुछ कदमों पर बैठी। घर में बहुत शोर थी तथा सब लोग शराब पी रही थी । अब तक उसे पार्टी पसन्द थी मगर अभी उसे अंधेरी खामोश चाहिये थी। तभी कुछ आदमी घर अन्दर गए । थोड़े समय पर एक लड़का पार्टी से निकाले और चुपचाप ख़ड़ा रहा था। लम्बे समय पर लड़के ने कहा, “ यह अंधेरी रात है । जब पूनम होती है तब मेरे देश में एक त्यौहार होता है। चान्द कहां गई?” उस ने जवाब दे, “ मुझे पत्ता नहीं है।“ लड़के को सदमा है । उस ने पुकारा, “ हद हो गई तुम्हें हिन्दी आती है !” उस पल में एक प्रेम की कहानी शुरु हुई।
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